इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.

शुक्रवार, 1 जनवरी 2010

जो भी आपने टीपा , मुझे तो ऐसा दीखा (टिपण्णी चर्चा )

नए साल के आगमन पर आप सबको एक बार फ़िर से बहुत बहुत बधाई और शुभकामना। मैं सोच रहा था कि अब इस नए साल क्या कुछ अलग किया जाए , फ़िर ध्यान आया कि अब तक झा जी कहिन के माध्यम से आपकी पोस्टों को सजाने का काम तो मैं कर ही रहा हूं तो क्यों न , अब आपकी टीपों को सजाने, न सिर्फ़ सजाने बल्कि उन टीपों के उपर एक टिप्पा लगाने का काम शुरू कर दूं ......क्या पता आपको दिलचस्प लग ही जाए॥ यहां मैं इस ब्लोग का पहला पोस्ट लिखते हुए स्पष्ट कर दूं कि मेरा ये प्रयास सिर्फ़ ये दिखाने/बताने की कोशिश है कि जितनी मजेदार, रुचिकर , और महत्वपूर्ण यहां पर पोस्टें हैं उतनी ही मजेदार .....यहां पाठकों की टिप्पणी भी । और उस पर मेरा टिप्पा बस एक चिकोटी भर है ....खुशी के लिए । उम्मीद है कि मेरा ये प्रयास आपको पसंद आएगा और ये नया ब्लोग भी ॥
तो लिजीये देखिए आपने क्या कहा , सुना, देखा



धान के देश में फ़रमाया गया है :-

ललित शर्मा, January 1, 2010 12:35 PM

अवधिया जी इन 29वर्षों मे भी कुछ नही बदला है
और आगे 100सालों तक भी नही बदलने वाला, खुन चुसने वाले पिस्सु नही मरने वाले।

पुज्य पिताजी की कविताएं पढवा कर कृतार्थ हो गए
आभार


हमारा टिप्पा : का शर्मा जी यानि कि इसका मतलब कि दुनिया का एके ठो शाश्वत सत्य है कि , ई पिस्सु सब एक दम बुडबक है , ई लोग हैप्पी न्यू ईयर नहीं मनाता है और अगली एक शताब्दी तक के लिए तो ई फ़ाईनल होईये गया है । चलिए साल के पहले दिन का सबसे महत्वपूर्ण खोज हो गया ॥


अंधड में सुलभ सतरंगी फ़रमाते हैं :-


वाह गोदियाल साहब, क्या अंदाजे बयान है.
दर्द की भी ना मालूम कितनी जुबान है

ये लीजये एक डिजाइनर बधाई.
/""/_/""/
/_/""/_/appy

/""'\ /"'/
/ \ . /
/_ \_ ew

\'" \/"' /
\ /
/_ /ear 2010

ऊपर से एक हिंगलिश कविताई -

एक साहित्यकार दूजा ब्लोगर
बनी है जिंदगानी ट्राई-ब्रेकर

- सुलभ जायसवाल 'सतरंगी

हमारा टिप्पा : का बात है सुलभ जी , ई मोबाईलवा वाला डिजाईनर बधाई इहां भी , आज समझे कि आपके नाम के साथ लगा सतरंगा का मतलब का है जी । और उपर से , ई बताईये उपर से कैसे जी .......????आप लिखे तो उसको नीचे हैं , खैर उ आप जानिए .....उपर से हिंग्लिश कविताई .....एक दम से फ़ंसा दिए ...टाई ब्रेकर में जिंदगानी को भी और ...ब्लोगर को भी ॥

बाबा लंगोटानंद जी महाराज अपने ही ब्लोग में खुदे टिपियाते हैं :-

सभी ब्लोगर बच्चा, कोई भी समस्या हो, तुरंत निसंकोच संपर्क करो,
हमारी भभूत द्वारा हर समस्या का निदान संभव है, हमारे मठ में
हिमालय की जड़ी-बूटी द्वारा मंत्रित भभूत चमत्कारी असर करेगी !
नक्कालों से सावधान ! नव वर्ष में सभी ब्लागरों का कल्याण हो !


हमारा टिप्पा : वाह बाबा वाह , हम तो जानिए रहे थे कि जब ई सब कच्छा धारी , धोती धारी, लुंगी धारी, और भी जितन धारी बाबा सब एक दम फ़्लौप हो जाएंगे तो एक दिन सबका दुख हरने वाला लंगोट धारी बाबा अईबे करेंगे , पहिले तो दंडवत प्रणाम कुबूल किया जाए । समस्या सब का लिस्ट हम बाद में आपको पेजर पे भेज देंगे , एक एक करके , मगर महाराज ई भभूत हमको अईसन दिजीयेगा जो हमारा मुर्गा खा सके । ओह समझे नहीं , दरअसल हम दवाई , भभूत , सिरप , सब का सेवन भाया मुर्गा ही करते हैं । मानि पहिले उसको खिलाएंगे ,,,फ़िर उसको खाएंगे ......अरे मुर्गा को यार और किसको ..........?????

कुछ अलग सा में नेहा पाठक कहती हैं :-

देखा जाए तो सिर्फ एक दिन बदल रहा, नव वर्ष तो तब आएगा जब ये अमीर-गरीब की खाई पट जाएगी, एक समतल ज़मीन न सही तो एक छोटे से खड्डे का रूप ले लेगी।


हमारा टिप्पा :-हां नेहा जी , कह तो आप एकदम ठीक रही हैं , मगर यहां तो सब के सब फ़ावडा कुदाल लिए घूम रहे हैं , सब अपने अपने हिसाब से लगे हुए हैं , जिसे समतल जमीन मिल रही है, वो गड्ढा खोद रहा है, और जिसे गड्ढा मिलता है वो उसे भर के समतल जमीन बनाने पर तुला हुआ है ।


तमन्ना ब्लोग में श्यामल सुमन जी कविताते हैं :-

अक्सर खामोशी में मिले छुपी हुई आवाज।
समझ लिया जिसने इसे मिले उसी को ताज।।

यही कामना हो सतत उपजे सब में प्यार।
चाह सुमन की आप संग सुखी रहे परिवार।।

सादर
श्यामल सुमन

हमारा टिप्पा: अब इतना सुंदर कविताई पर हम का टिप्पा दें , बस एतना ही कहना होगा ...................आमीन ॥



ताउ के ब्लोग मुरारी पारीक जी टीपे हैं :-


वाह हीरू भैये क्या भविष्य बताया है| सचमुच अमेरिका से अच्छा अंक ज्ञान और मंत्र सिख कर आयाहै|
क्या अमेरिका वाले भैरूं मंत्र पढ़ते हैं !!! हा..हा.. ब्लोगरों को रात का बचा बासी खाना हा..हा...और लालितानान्दजी झाड फूंक और समीरानन्दजी के ताबीज!!!!! हीरू भिया लगता है कमीशन रखे हो बाबाओं के साथ हां.हां. मजा आ गया!!!! और ताउजी आपने बिलकुल सही फैसला लिया की पुराने गण..बिनू फ़िरंगी, चंपाकली, अनारकली, संतू गधेडा, शेरू महाराज, सियार साहब और हीरामन और रामप्यारी के साथ ही काम करेंगे !!!


हमरा टिप्पा :- मुरारी बच्चा , अरे जब ताऊ जी, हिरामन , रामप्यारी, और जौन गण सब का नाम आप लिए हो ऊ सब एके साथ धमाल मचाएंगे तो ई जो है न ओबामा ,ऊ भी भैरू मंत्र पढ पढ के करेगा हंगामा ॥ हीरू और रामप्यारी तो ज्वाईंट वेंचर में अपना कंपनी चला रहिस है और जेतना कमीशन मिल रहा है उ सब ठो दोनों बाबा लोग , अपना आश्रम के कल्याण में लगा रहे हैं । जब फ़ंड बहुत बढिया हो जाएगा तो उससे ब्लोग्गर्स को पेंशन दिया जाएगा , का समझे ॥


और अब देशनामा में की गई टीपों को देखा जाए


अदा जी ,

आज कोई भी टेंशन लेने का मूड नहीं है...
इसलिए २ करोड़ का रगड़ा बाद में देखेंगे....
और हाँ...बहुत पहले एक गाना बड़ा हिट हुआ था...
झूठ बोले कौवा काटे काले कौवे से डरियो...!!
आज भी ये गाना उतना ही हिट है....

ना जाने कहाँ कहाँ से आ जाते हैं...!!!!
हां नहीं तो...!!

नव वर्ष मंगलमय हो...!!!

हमारा टिप्पा : मतलब खाली आजे मूड नहीं है, कल से तो रहिएगा न मूड में । इहां दु रुपया के लिए झगडा हो जाता है और आप दो करोड को रगडा कह रही हैं , तभिए तो आपका स्टेट का ऊ था न कौन तो , कोडा , सब ठो पैसा खा गया घोडा बनके । हां खुशदीप भाई को गाना सुना के बदला ले लिए ....ई ठीक किए ॥हम भी सोच रहे हैं एक टीप के साथ एक ठो गाना कंपल्सरी कर दें खुशदीप भाई के लिए ......जाने कहां कहां से .....मतलब ...। अरे आउर कहां ....न्यूज चैनल से आते हैं ॥

शबनम खान जी

नए साल के नए दिन में दिमाग को क्या झटका दे डाला जी आपने खुशदीप जी....खुद तो चलते बने ब्रेक लेने यहाँ हमें उलझा दिया...
(कृप्या अटल जी के स्टाइल में पढ़े..)
"ये अच्छी बात नही है"
नए साल की शुभकामनाएँ...

हमारा टिप्पा :- अटल जी के स्टाईल में , देखिए देखिए , ई आप लोग भी न , आडवाणी जी को और कितना दुख दीजिएगा जी । बेचारे सोच रहे थे कि कम से कम आमिर खान जब गज़नी के लिए टकले हुए थे तो , शायद तब ही मिनट दो मिनट के लिए गंजेपन का क्रेडिट दे देते । मगर न जी , उन्होंने तो सर मुंडवा के उस पे हाईवे बनवा दिया और आडवाणी जी को वो क्रेडिट भी नहीं मिला । अब तो सुना है एक गद्दी थी वो भी गई । ...ये अच्छी बात नहीं है ॥

और आखिर में अपने सी एम प्रसाद जी :-

अरे! चौथा सीन तो छोड़ ही दिये जिसमें हम है...... रोज़ की तरह चादर तान के सो रहे हैं :)

हमारा टिप्पा :- अरे आप चादर तान के सो रहे थे ........हांय ...सर हमको तो लगता है कि आपके चादर में एक छेद है उसमें से गज़ब गज़ब की टीप निकल के आ रही थी, थी क्या ..........अभी भी आ रही है । चादर एक ठां कर के तान दिए हैं लगता है मांड में धो के । अब चादर के अंदर का सीन शूट करके , खुशदीप भाई को अपना न्यूज चैनल बंद करवाना है का .........??? हमको पता है कि आप हमरे टिप्पा के ऊपर एक ठो और लारा लप्पा लाद दीजिएगा ॥

चिट्ठा चर्चा ब्लोग में जाकिर अली रजनीश जी :-

नव वर्ष की अशेष कामनाएँ।
आपके सभी बिगड़े काम बन जाएँ।
आपके घर में हो इतना रूपया-पैसा,
रखने की जगह कम पड़े और हमारे घर आएँ।
--------


हमारा टिप्पा :- का बात कही है जाकिर भाई, मुदा ऐड्रेस तो दिए ही नहीं आप । पता नहीं कितना मंत्री सब आपके घर का पता पूछ रहा है । कह रहा है कि स्विस बैंक के बाद कोई तो ठिकाना मिला अपन माल छुपाने के लिए । देखिए जल्दी से सबको मेल ठेल दीजिए ,और उस फ़ंड से ब्लोग्गर्स के लिए , कोई धांसू सी कल्याणात्म स्कीम चलाईये ......व्हाट एन आईडिया सर जी ॥

27 टिप्‍पणियां:

  1. वाह अजय जी! 'कहिन' के बाद अब ये अनूठा 'सुनिन'!!

    कहते सुनते सुनते कहते
    बातों बातों में प्यार हो जायेगा ...

    आप तथा आपके परिजनों के लिये नववर्ष मंगलमय हो!

    उत्तर देंहटाएं
  2. नये साल में ई काम बढ़िया शुरु किये...

    ब्लॉग का नाम दे..फिर टिप्पी..फिर टिप्पा....आनन्ददायी.


    जारी रहिये. अनेक शुभकामना.

    आप एवं आपके परिवार को नव वर्ष की हार्दिक बधाई एवं अनेक शुभकामनाएँ.

    उत्तर देंहटाएं
  3. आप सब को सपरिवार नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाऎँ!!

    उत्तर देंहटाएं
  4. हम ईंतजार कर रहे थे कि झा जी कुछ सुने तो कहें, लिजिए कह भी दिया-सुन लिजिए टिप्पा।, नुतनवर्षाभिनंदन

    उत्तर देंहटाएं
  5. नये साल में ई काम बढ़िया शुरु किये...

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत खूब, लाजबाब ! नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाये !

    उत्तर देंहटाएं
  7. नए नए स्‍टाइल निकालते हैं आप .. आपके और आपके परिवार के लिए नववर्ष मंगलमय हो !!

    उत्तर देंहटाएं
  8. "मोडरेशन" नही झा जी "वर्ड वेरिफ़िकेशन" जाना था जापान पहुंच गए चीन्।:-)

    उत्तर देंहटाएं
  9. जी अभी हटाता हूं .बताने के लिए धन्यवाद सर

    उत्तर देंहटाएं
  10. लप्पा लाद...बहुत खूब.. नववर्ष मंगलमय हो

    उत्तर देंहटाएं

  11. का होऽऽ झा जी, ई कऊन ज़ुलुम बात ... ?
    एकरा नाम करीए ’ झा जी सुनाइन !’
    टिपप्णियाँ पढ़े के.. कि सुने के ?
    हैप्पि नियू ईयरो ले लीजिये !

    उत्तर देंहटाएं
  12. बक्से के विद्रोह के कारण कहिन,सुनिन से ज्यादा देखिन हो रहा है, वह भी जुगाड़ कर-कर के। :)

    उत्तर देंहटाएं
  13. झा जी, बढ़िया शुरूआत है.....नये साल की हार्दिक बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  14. बढ़िया!
    एक डिस्क्लेमर भी लगा दीजिए
    कि
    कहा-सुना सब माफ :-)

    बी एस पाबला

    उत्तर देंहटाएं
  15. ये भी खूब रही :)
    नया साल..नया चिट्ठा और नई शुरूआत!
    बढिया!!

    उत्तर देंहटाएं
  16. .टिप्पा..और मूठ ... वाह वाह ....क्या खूब !

    उत्तर देंहटाएं
  17. वाह वा वाह वा वाह वा वा
    टारा टिप्पा टारा टिप्पा टारा टिप्पा झा
    ई काम बहुतै सालिड कर डाले आप । हमार क्म्प्लीट काम्प्लीमेंट भेजवाय रहे हम काशी एक्स्प्रेस मा हियाँ से। अऊ मिलै के बाद ख़बर कर देब हमका। का समझे ?

    उत्तर देंहटाएं
  18. टिपण्णी पर क्या खूब टिप्पा लगाये हैं ...!!

    उत्तर देंहटाएं
  19. आह्ह्ह्ह पूरा लारा लप्पा के साथ साथ टिप्पा टिप्पा....
    झा जी तोहार जवाब नइखे ..
    डॉ. साहेब ठीक कहिन..'सुनाईन' चली..ना ना दौड़ी..
    शुभकामनाएँ....

    उत्तर देंहटाएं
  20. बढ़िया टिप्पा टीपा आपने झा जी, बहुत सुन्दर !

    उत्तर देंहटाएं
  21. बहुत ही बढिया...नए साल में नया ब्लॉग...भय्यी वाह

    उत्तर देंहटाएं
  22. टीपों पर टिप्‍पा
    पर हमें तो लगे है
    गोल गोल गप्‍पा।

    उत्तर देंहटाएं
  23. नए साल में नया ब्लॉग...बढ़िया शुरूआत है.....नये साल की हार्दिक बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  24. बहुत बढ़िया जानकारी...नये वर्ष की हार्दिक शुभकामनाये.

    उत्तर देंहटाएं

हमने तो आपकी टीपों पर एक टिप्पा धर दिया अब आपकी बारी है
कर दिजीये इस टिप्पा के ऊपर एक लारा लप्पा

Google+ Followers